भारतीय किसान यूनियन ‘टिकैत’ के 15वें सामूहिक विवाह एवं निकाह समारोह में गूंजे मंगलगीत, तीन जोड़ों का हुआ निकाह; ट्रैक्टर पर सवार होकर पहुंची एक बारात
बाराबंकी। शादियों में बढ़ती फिजूलखर्ची और दिखावे के बीच भारतीय किसान यूनियन ‘टिकैत’ ने सामूहिक विवाह एवं निकाह समारोह आयोजित कर सामाजिक एकता, सादगी और आपसी सहयोग का संदेश दिया। गोंडा-बाराबंकी मार्ग स्थित नवीन गल्ला मंडी परिसर में आयोजित 15वें सामूहिक विवाह समारोह में कुल 82 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। इनमें 78 जोड़ों ने वैदिक रीति-रिवाज से सात फेरे लिए, जबकि तीन जोड़ों का निकाह संपन्न कराया गया। समारोह में बड़ी संख्या में परिजन, बाराती, जनाती और गणमान्य लोग शामिल हुए।
इस आयोजन की खास बात यह रही कि विवाह समारोह में एक इंजीनियर ने भी सामूहिक विवाह के मंच को चुना। वहीं, ट्रैक्टर पर सवार होकर पहुंची बारात ने समारोह में ग्रामीण संस्कृति और किसान जीवन की अनूठी झलक पेश की। पूरे आयोजन में उत्साह, उल्लास और सामाजिक सद्भाव का माहौल देखने को मिला।
गौरव टिकैत ने किया शुभारंभ, नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष हौसिला प्रसाद के नेतृत्व में आयोजित समारोह का शुभारंभ शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे भाकियू युवा विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत ने फीता काटकर किया। इसके बाद उन्होंने महात्मा टिकैत और मुकेश सिंह की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
समारोह में गायत्री परिवार के पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह की रस्में संपन्न कराईं। मंडप में बैठे नवदंपतियों को गौरव टिकैत ने आशीर्वाद देते हुए उनके सुखमय वैवाहिक जीवन की कामना की। इस अवसर पर भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन और प्रदेश अध्यक्ष राजपाल शर्मा सहित संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
गौरव टिकैत ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन प्रत्येक जनपद में होने चाहिए, ताकि विवाह के नाम पर होने वाली अनावश्यक फिजूलखर्ची पर रोक लग सके। उन्होंने कहा कि आर्थिक अभाव के कारण किसी गरीब पिता को अपनी बेटी की शादी का बोझ नहीं महसूस होना चाहिए। ऐसे आयोजन जरूरतमंद परिवारों को सहयोग देने के साथ समाज में समानता और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करते हैं।
तीन जोड़ों का निकाह, दिखी सामाजिक सद्भाव की तस्वीर
समारोह में हिंदू विवाह के साथ मुस्लिम समुदाय के तीन जोड़ों का निकाह भी संपन्न कराया गया। अलग-अलग पंडालों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से विवाह और निकाह की रस्में पूरी की गईं।
अहमदपुर निवासी शहाबुद्दीन पुत्र अलीमुद्दीन का निकाह शमा परवीन से हुआ। वहीं, सैफ खान पुत्र महमूद हसन ने कटरा बारादरी की फरीदा खातून के साथ निकाह किया। तीसरे जोड़े में मोहम्मद सुहेल पुत्र मोहम्मद सिराज का निकाह सूरतगंज की शबीना से संपन्न हुआ। काजी अब्दुल्ला ने निकाह की रस्में पूरी कराईं।
एक ही आयोजन में विभिन्न समुदायों के जोड़ों का विवाह संपन्न होना सामाजिक सहयोग और आपसी सद्भाव का संदेश देता नजर आया।
उपहार देकर की गई नवदंपतियों की विदाई
करीब ढाई घंटे तक चले विवाह कार्यक्रम में सभी रस्में विधि-विधान के साथ पूरी कराई गईं। इसके बाद भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने नवविवाहित जोड़ों को उपहार भेंट किए और धूमधाम से उनकी विदाई की। आयोजन में आए बारातियों, जनातियों और अन्य अतिथियों के लिए भोजन तथा जलपान की भी व्यवस्था की गई थी।
सामूहिक विवाह का उद्देश्य केवल विवाह संपन्न कराना ही नहीं, बल्कि उन परिवारों को सहयोग देना भी है, जिनके लिए शादी का खर्च उठाना कठिन होता है। ऐसे आयोजन परिवारों की आर्थिक चिंता कम करने के साथ समाज को यह संदेश देते हैं कि विवाह की वास्तविक खूबसूरती महंगे इंतजामों में नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, सम्मान और रिश्तों की मजबूती में है।
जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने दी शुभकामनाएं
समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य एवं रसद मंत्री सतीश चन्द्र शर्मा, सांसद तनुज पुनिया, पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप, पूर्व कैबिनेट मंत्री राकेश कुमार वर्मा, पूर्व विधायक राम गोपाल रावत, पूर्व एमएलसी राजेश यादव ‘राजू’, भाजपा जिलाध्यक्ष भुल्लन वर्मा, ब्लॉक प्रमुख धर्मेंद्र यादव, पूर्व प्रमुख सुरेंद्र सिंह, डॉ. विवेक सिंह, डॉ. सतीश चंद्रा, डीडीसी प्रीतम सिंह, राकेश पटेल, अवधेश वर्मा और वासुदेव वर्मा सहित कई गणमान्य लोग पहुंचे। सभी ने नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर राम किशोर पटेल, आलोक वर्मा, गिरीश चन्द, उत्तम सिंह, मीडिया प्रभारी सतीश वर्मा ‘रिंकू’, ओम प्रकाश वर्मा, लायकराम यादव, राम सेवक रावत, हाजी इम्तियाज, विशेष कुमार, रामानंद वर्मा, बाबादीन, शिवनरायन सिंह, प्रमोद कुमार, रईस अहमद और भगौती प्रसाद सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
सादगीपूर्ण विवाह से समाज को मिला संदेश
भारतीय किसान यूनियन ‘टिकैत’ का यह आयोजन इस बात का उदाहरण बना कि सामूहिक प्रयासों से विवाह जैसे महत्वपूर्ण पारिवारिक दायित्व को सरल, सम्मानजनक और व्यवस्थित बनाया जा सकता है। 82 जोड़ों के नए जीवन की शुरुआत के साथ समारोह ने फिजूलखर्ची से बचने, जरूरतमंद परिवारों का सहयोग करने और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
सामूहिक विवाह की यह पहल उन परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है, जो आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद अपने बच्चों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न कराना चाहते हैं।


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