Fiber, Fluids और Fermented Foods को डाइट में शामिल कर आंतों के स्वास्थ्य को बनाया जा सकता है बेहतर
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ कैलोरी और वजन पर ध्यान देना काफी नहीं है। हमारी आंतों यानी Gut Health का सीधा संबंध पाचन, मल त्याग और शरीर के समग्र स्वास्थ्य से है। खराब खान-पान, कम पानी पीना, फाइबर की कमी और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड का सेवन गट हेल्थ को प्रभावित कर सकता है।
ऐसे में डाइट में 3F—Fiber, Fluids और Fermented Foods को शामिल करना एक आसान और उपयोगी तरीका हो सकता है।
पहला F—Fiber यानी फाइबर
फाइबर आंतों के लिए बेहद महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। यह मल को सामान्य रखने और नियमित bowel movement में मदद करता है। साथ ही, कुछ प्रकार के फाइबर आंतों में मौजूद लाभकारी बैक्टीरिया के लिए भोजन का काम करते हैं।
फाइबर के अच्छे स्रोतों में शामिल हैं—
•फल और सब्जियां
•साबुत अनाज
•दालें और चने
•ओट्स
•बीन्स
•बीज और मेवे
डाइट में फाइबर बढ़ाते समय इसे धीरे-धीरे बढ़ाना और पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है, क्योंकि अचानक बहुत ज्यादा फाइबर लेने से कुछ लोगों को गैस या पेट फूलने की समस्या हो सकती है।
दूसरा F—Fluids यानी पर्याप्त तरल
आंतों के बेहतर कामकाज के लिए शरीर में पर्याप्त पानी होना जरूरी है। पर्याप्त तरल पदार्थ मल को नरम रखने और कब्ज की समस्या से बचने में मदद कर सकते हैं।
पानी को प्राथमिकता दें। इसके अलावा व्यक्ति की जरूरत और मौसम के अनुसार सूप, छाछ जैसे अन्य स्वस्थ तरल विकल्प भी डाइट का हिस्सा हो सकते हैं।
हालांकि, हर व्यक्ति की पानी की जरूरत समान नहीं होती। कुछ बीमारियों, खासकर किडनी या हृदय से जुड़ी स्थितियों में तरल पदार्थ की मात्रा डॉक्टर की सलाह के अनुसार रखनी चाहिए।
तीसरा F—Fermented Foods यानी फर्मेंटेड फूड्स
फर्मेंटेड खाद्य पदार्थों में ऐसे सूक्ष्मजीव या उनके उत्पाद हो सकते हैं जो आंतों के माइक्रोबायोम के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
भारतीय खान-पान में कई पारंपरिक fermented foods पहले से मौजूद हैं, जैसे—
•दही
•छाछ
•इडली
•डोसा जैसे fermented foods
हालांकि हर fermented food में प्रोबायोटिक प्रभाव समान नहीं होता। इसलिए इन्हें संतुलित और विविध आहार का हिस्सा बनाना बेहतर है।
सिर्फ 3F नहीं, पूरी डाइट पर दें ध्यान
गट हेल्थ को बेहतर रखने के लिए केवल किसी एक फॉर्मूले पर निर्भर रहने के बजाय विविध और संतुलित आहार लेना ज्यादा महत्वपूर्ण है। पर्याप्त फाइबर, पानी, फल-सब्जियां, साबुत अनाज और पौष्टिक खाद्य पदार्थों के साथ अत्यधिक प्रोसेस्ड और बहुत ज्यादा शक्कर वाले खाद्य पदार्थों को सीमित करना मददगार हो सकता है।
साथ ही नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और तनाव को नियंत्रित करना भी पाचन स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
याद रखें 3F का आसान फॉर्मूला
F – Fiber: फाइबर से भरपूर प्राकृतिक खाद्य पदार्थ
F – Fluids: पर्याप्त पानी और स्वस्थ तरल पदार्थ
F – Fermented Foods: दही जैसे उपयुक्त fermented foods
गट हेल्थ बेहतर होगी तो पाचन भी बेहतर रहेगा। इसलिए आज से अपनी प्लेट में 3F को जगह दें और अपनी आंतों की सेहत को प्राथमिकता दें।
नोट: लगातार कब्ज, दस्त, मल में खून, बिना कारण वजन कम होना या लंबे समय तक पेट दर्द जैसी समस्या हो तो केवल डाइट बदलने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।


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