यूरिक एसिड (Uric Acid) शरीर में बनने वाला एक प्राकृतिक अपशिष्ट पदार्थ है, जो प्यूरीन (Purines) नामक तत्व के टूटने से बनता है। सामान्यतः किडनी इसे छानकर मूत्र के माध्यम से शरीर से बाहर निकाल देती है। लेकिन जब शरीर में यूरिक एसिड अधिक बनने लगे या किडनी उसे पर्याप्त मात्रा में बाहर न निकाल पाए, तो इसका स्तर बढ़ जाता है। लंबे समय तक यूरिक एसिड बढ़ा रहने पर जोड़ों में दर्द, सूजन, गठिया (गाउट) और किडनी स्टोन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
यूरिक एसिड बढ़ने के प्रमुख कारण
- प्यूरीन युक्त खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन, जैसे लाल मांस, अंगों का मांस (लीवर आदि), कुछ समुद्री भोजन।
- अत्यधिक शराब का सेवन, विशेषकर बीयर।
- मीठे पेय और फ्रुक्टोज युक्त सॉफ्ट ड्रिंक का अधिक सेवन।
- मोटापा और शारीरिक गतिविधियों की कमी।
- पर्याप्त पानी न पीना।
- किडनी की कार्यक्षमता कम होना।
- मधुमेह, उच्च रक्तचाप और मेटाबोलिक सिंड्रोम।
- आनुवंशिक कारण।
- कुछ दवाएं, जैसे कुछ मूत्रवर्धक (Diuretics) और कम मात्रा में दी जाने वाली एस्पिरिन।
यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण
कई लोगों में शुरुआत में कोई लक्षण नहीं होते। लेकिन स्तर अधिक बढ़ने पर निम्न समस्याएं हो सकती हैं—
- पैर के अंगूठे, टखने, घुटने या अन्य जोड़ों में अचानक तेज दर्द।
- जोड़ों में सूजन, लालिमा और गर्माहट।
- सुबह उठने पर जोड़ों में अकड़न।
- बार-बार गाउट के दौरे।
- किडनी स्टोन बनने पर कमर या पेट में तेज दर्द, पेशाब में जलन या खून आना।
यूरिक एसिड की जांच
यूरिक एसिड का स्तर रक्त जांच (Serum Uric Acid Test) से पता लगाया जाता है। यदि डॉक्टर को आवश्यकता लगे, तो किडनी की जांच और अन्य परीक्षण भी कराए जा सकते हैं।
यूरिक एसिड का इलाज
इलाज का तरीका इस बात पर निर्भर करता है कि केवल यूरिक एसिड बढ़ा है या उसके कारण गाउट या किडनी स्टोन जैसी समस्या भी हो रही है।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि यूरिक एसिड बाहर निकलने में मदद मिले।
- वजन नियंत्रित रखें।
- संतुलित और कम प्यूरीन वाला आहार लें।
- शराब और मीठे पेय से बचें।
- यदि गाउट का दौरा हो या बार-बार यूरिक एसिड बढ़ा रहे, तो डॉक्टर आवश्यकतानुसार दवाएं लिख सकते हैं, जैसे यूरिक एसिड कम करने वाली या सूजन कम करने वाली दवाएं। इनका सेवन केवल चिकित्सकीय सलाह पर करें।
यूरिक एसिड कम करने में सहायक आहार
- कम वसा वाला दूध और दही।
- ताजे फल, जैसे सेब, संतरा और चेरी।
- हरी पत्तेदार सब्जियां।
- साबुत अनाज।
- दालें सीमित मात्रा में।
- पर्याप्त मात्रा में पानी।
किन चीजों से परहेज करें?
- लाल मांस और अंगों का मांस।
- सार्डिन, एन्कोवी जैसी कुछ समुद्री मछलियां।
- अत्यधिक शराब।
- मीठे शीतल पेय और पैकेज्ड जूस।
- अत्यधिक तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड।
क्या केवल यूरिक एसिड बढ़ना बीमारी है?
जरूरी नहीं। कई लोगों में यूरिक एसिड बढ़ा हुआ होता है, लेकिन कोई लक्षण नहीं होते। इसे अलाक्षणिक हाइपरयूरिसीमिया (Asymptomatic Hyperuricemia) कहा जाता है। ऐसे सभी लोगों को दवा की आवश्यकता नहीं होती। इलाज का निर्णय डॉक्टर लक्षणों, जांच रिपोर्ट और अन्य बीमारियों को देखकर करते हैं।
कब डॉक्टर से मिलें?
निम्न स्थितियों में तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें—
- जोड़ों में अचानक असहनीय दर्द और सूजन।
- बार-बार गाउट के दौरे पड़ना।
- पेशाब में खून या किडनी स्टोन के लक्षण।
- यूरिक एसिड लगातार बढ़ा हुआ आना।
- पहले से किडनी रोग, मधुमेह या उच्च रक्तचाप होना।
बचाव के उपाय
- प्रतिदिन 2.5–3 लीटर पानी (यदि डॉक्टर ने पानी सीमित करने को न कहा हो) पिएं।
- नियमित व्यायाम करें।
- स्वस्थ वजन बनाए रखें।
- संतुलित आहार लें।
- शराब और मीठे पेय से दूरी रखें।
- नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहें, विशेषकर यदि परिवार में गाउट या किडनी रोग का इतिहास हो।
निष्कर्ष
यूरिक एसिड बढ़ना एक सामान्य लेकिन नजरअंदाज न की जाने वाली स्थिति है। सही खान-पान, पर्याप्त पानी, नियमित व्यायाम और स्वस्थ वजन बनाए रखने से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। यदि जोड़ों में दर्द, सूजन या किडनी स्टोन जैसी समस्याएं हों, तो स्वयं दवा लेने के बजाय योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें। समय पर जांच और उचित इलाज भविष्य की जटिलताओं से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


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