कम उम्र में भी चुपचाप बढ़ सकता है कोलेस्ट्रॉल, AHA से जानिए 20 से 65 की उम्र में कितने साल में कराएं जांच


आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, जंक फूड, शारीरिक गतिविधि की कमी और बढ़ते तनाव के कारण हाई कोलेस्ट्रॉल अब केवल बुजुर्गों की समस्या नहीं रह गया है। कम उम्र के लोगों में भी बिना किसी स्पष्ट लक्षण के कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है, जिससे भविष्य में हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, हाई कोलेस्ट्रॉल को अक्सर "साइलेंट किलर" कहा जाता है, क्योंकि अधिकांश लोगों में इसके शुरुआती लक्षण दिखाई नहीं देते। इसलिए समय-समय पर जांच कराना बेहद जरूरी है।

AHA क्या सलाह देता है?

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) के अनुसार, 20 वर्ष या उससे अधिक उम्र के प्रत्येक व्यक्ति को अपना कोलेस्ट्रॉल स्तर नियमित रूप से जांचना चाहिए।

किस उम्र में कितने साल में कराएं जांच?

- 20 वर्ष या उससे अधिक उम्र: यदि कोई जोखिम कारक नहीं है और रिपोर्ट सामान्य है, तो हर 4 से 6 वर्ष में एक बार लिपिड प्रोफाइल जांच कराएं।
- 40 से 65 वर्ष: यदि हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा, धूम्रपान, पारिवारिक हृदय रोग का इतिहास या अन्य जोखिम कारक हैं, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार अधिक नियमित जांच कराएं। कई लोगों को हर वर्ष या 1–2 वर्ष में जांच की आवश्यकता हो सकती है।
- 65 वर्ष से अधिक: इस आयु में डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित अंतराल पर जांच करानी चाहिए, क्योंकि हृदय रोग का जोखिम बढ़ जाता है।

किन लोगों को पहले जांच करानी चाहिए?

यदि आपके पास इनमें से कोई भी जोखिम कारक है, तो उम्र कम होने पर भी जांच में देरी न करें:

- परिवार में कम उम्र में हार्ट अटैक या हृदय रोग का इतिहास
- डायबिटीज
- हाई ब्लड प्रेशर
- मोटापा
- धूम्रपान या तंबाकू का सेवन
- शारीरिक गतिविधि की कमी
- अस्वस्थ खान-पान

कोलेस्ट्रॉल को कैसे रखें नियंत्रित?

- रोज़ कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।
- तली-भुनी और प्रोसेस्ड चीजों का सेवन कम करें।
- फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और फाइबर युक्त भोजन लें।
- धूम्रपान और तंबाकू से दूरी बनाएं।
- वजन नियंत्रित रखें।
- डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद या शुरू न करें।

निष्कर्ष

हाई कोलेस्ट्रॉल का समय पर पता लगाना हृदय रोगों से बचाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि आपकी उम्र 20 वर्ष या उससे अधिक है, तो नियमित स्वास्थ्य जांच को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। स्वस्थ खान-पान, नियमित व्यायाम और समय पर जांच से आप लंबे समय तक अपने दिल को स्वस्थ रख सकते हैं।

Post a Comment

0 Comments